Rolls Royce ने लांच की अपनी नई गाडी जिसकी कीमत है ₹209 करोड़ रुपए, जानिए क्या है खास

Rolls Royce की आर्केडिया ड्राप टेल

Rolls Royce जो की एक लेजेंडरी ब्रिटिश लक्ज़री कारमेकर है,जिसने हाल ही में आर्केडिया ड्राप टेल को अपने कोचबिल्ड प्रोग्राम से अपनी तीसरी और नयी क्रिएशन को लांच किया है। ये एक अनोखा रोडस्टर है आर्केडिया ड्राप टेल रोल-रोये की आधुनिक इतिहास में पहली कनवर्टिबल बॉडी स्टाइल है। गाडी को सिंगापुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में उसके कमीशनिंग क्लाइंट को प्रकट किया गया, और इसकी लगभग कीमत $30 मिलियन के आस-पास बताई गयी।

Rolls Royce मोटर कार BMW ग्रुप की एक सब्सिडियरी है, जो की गुडवुड, इंग्लैंड में स्थित है। इस कंपनी को 1904 में चार्ल्स रोल्स और हेनरी रोये ने स्थापित किया था। Rolls Royce को दुनिया के सबसे महंगे कार बनाने के लिए जाना जाता है,जैसे की फैंटम,घोस्ट,व्रेथ,और कुल्लिनन। कंपनी एक बीस्पोके सर्विस भी प्रदान करता है,जिसमे क्लाइंट अपनी कार को अपने व्यक्तिगत पसंद और स्वाद के अनुरूप कस्टमाइज कर सकते है।

डिज़ाइन

रोल्स-रोये
Rolls Royce

Rolls Royce आर्केडिया ड्राप टेल की डिज़ाइन को अलग-अलग डिज़ाइन दार्शनिक्ताओं से प्रभावित किया गया है, जैसे की मॉडर्निस्ट ट्रॉपिकल स्काई गार्डन और ब्रिटिश बियमिमेटिक आर्किटेक्चर। गाड़ी का लुक शांत और मिनिमलिस्ट है इसके साथ ही गाडी में कार्बन फाइबर और नए पेंट तकनीक भी शामिल है, जो इसकी आकर्षण और सूफिस्टिकेशन को बढ़ाता है।

Rolls Royce आर्केडिया ड्राप टेल की पीछे की डिज़ाइन और भी अछि है। गाड़ी में एक ड्राप टेल दी गए है,जो एक विशेषता है जो पीछे के डेक को खोल कर एकक छुपा हुआ कम्पार्टमेंट प्रकट करता है।कम्पार्टमेंट में विभिन्न चीज़ें जैसे की सामान, पिकनिक सेट, या गोल्फ क्लब स्टोर किया जा सकता है। कम्पार्टमेंट में एक रिट्रक्टेबले कैनोपी भी है, जो छाया और शेल्टर प्रदान कर सकता है।

परफॉरमेंस

रोल्स-रोये
Rolls Royce


इसमें एक 6.75-लीटर टविन-टर्बोचार्ज्ड V12 इंजन दिया गया है, जो 563 हार्सपावर और 850 Nm का टार्क प्रदान करता है। इंजन को एक आठ-स्पीड आटोमेटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है, जो स्मूथ और एफ्फोर्ट्लेस्स अक्सेलरेशन प्रदान करता है और इसके साथ इसकी गाडी की टॉप स्पीड 250 km/h है।

एक फोर-व्हील स्टीयरिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो गाडी की प्राकृतिकता और स्थिरता को सुधरने में मदद करता है। ये सिस्टम पीछे के व्हील को लो स्पीड पर फ्रंट व्हील के विपरीत दिशा में घूमने की अनुमति देता है, और हाई स्पीड पर उनको सैम डायरेक्शन में घूमने की अनुमति देता है। इससे गाडी का टर्निंग रेडियस कम होता है और इससे उसकी मनुवेराबिलिटी बढ़ती है।

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